दहेज प्रथा मौत की जड़ बन चुकी है


प्राइम टाइम में दहेज प्रथा मौत की जड़ बन चुकी है

वर्तमान में दहेज प्रथा कुरीति बन गई है और माताओं व बहनों का मृत्यु का कारण भी बन चुकी है
आज का समाज बेटी अर्थात बहू की बजाय दहेज की भीख मांगता है
दहेज प्रथा के कारण समाज में कई बेटियों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा
जैसा कि कई न्यूज़ चैनलों व अखबारों में देखने में आया है कि कई  माताएं व बहने अपने  ससुराल में दहेज के लिए परेशान करने के कारण आत्म हत्या कर लेती
कई बहन और बेटियों कि अपने मायके से दहेज नहीं लाने के कारण या कम लाने के कारण उनकी भरपूर पिटाई भी होती है यही नहीं उनको जिंदा जला  दिया जाता है आज की युवा पीढ़ी और समाज को बहू नहीं बल्कि दहेज रूपी धन चाहिए और वह भी भीख में I 
वर्तमान में भारत को ही नहीं बल्कि पूरे विश्व को दहेज मुक्त बनाने के लिए  संत रामपाल जी महाराज  के अनुयाई  समाज में यह प्रस्तुत कर रहे हैं कि  बिना दहेज के भी विवाह हो सकता है जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ही यह काम कर सकते हैं आज संत रामपाल जी महाराज के लाखों अनुयायियों ने 17 मिनट के रमैणी करके विवाह संपन्न किया और उन्होंने समाज में यह संदेश प्रस्तावित किया कि हम बिना दहेज के भी विवाह कर सकते हैं दहेज एक भीख है यह भिखारियों का काम है संत रामपाल जी महाराज बताते हैं कि जिसने अपने कलेजे की कोर बेटी का दान कर दिया फिर उससे दहेज की भीख हम क्योंमांगे संत रामपालजी महाराज सत्संग में बताते हैं कि यह भिखारियों का काम है

संत जी बताते हैं कि दहेज लेकर हम अपने ऊपर बहुत बड़ा कर्ज ले रहे हैं असाधारण ले रहे हैं जो हमें 84 लाख योनियों के माध्यम से रोकना पड़ेगा इसलिए हमें ना दहेज देना है नहीं देना है अधिक जानकारी के लिए जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के मंगल प्रवचन साधना टीवी चैनल पर शाम 7:30 p.m. पर देखें


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